Corona Vaccination Drive Archives - Indian Pillar Hindi latest Hindi News,हिन्दी खबरें समाचार India Pillar Tue, 02 Mar 2021 19:56:57 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 https://i0.wp.com/www.indianpillar.com/wp-content/uploads/2021/12/cropped-cropped-indian-pillar-fevicon-1.png?fit=32%2C32&ssl=1 Corona Vaccination Drive Archives - Indian Pillar 32 32 168247845 Covid 19 Vaccination: वैक्सीन की दो डोज के बीच के अंतराल को लेकर बहस छिड़ी, सरकार ने विज्ञानियों की राय पर लिया फैसला https://www.indianpillar.com/national/covid-19-vaccination-debate-erupted-between-the-two-doses-of-the-vaccine-government-decided-on-opinion-of-scientists/ Tue, 02 Mar 2021 19:56:57 +0000 https://www.indianpillar.com/?p=9419 कोरोना के खिलाफ बड़े पैमाने पर टीकाकरण शुरू होने के साथ ही वैक्सीन की दो डोज के बीच के अंतराल को लेकर बहस छिड़ गई है। जहां सरकार विज्ञानियों की…

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कोरोना के खिलाफ बड़े पैमाने पर टीकाकरण शुरू होने के साथ ही वैक्सीन की दो डोज के बीच के अंतराल को लेकर बहस छिड़ गई है। जहां सरकार विज्ञानियों की राय के आधार पर चार हफ्ते से छह हफ्ते के भीतर दूसरी डोज लेने पर जोर दे रही है, वहीं कई विज्ञानी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और अन्य अध्ययनों के आधार पर इसे 12 हफ्ते करने की जरूरत बता रहे हैं। ध्यान देने की बात है कि ब्रिटेन अपने नागरिकों को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन, जिसे भारत में सीरम इंस्टीट्यूट कोविशील्ड के नाम से बना रहा है, की दूसरी डोज 12 हफ्ते के अंतराल पर दे रहा है।

भारत अपने वैज्ञानिकों की सलाह पर फिलहाल 28 दिन के अंतराल पर ही दूसरी डोज दे रहा है। इस बारे में वैक्सीन को लेकर गठित उच्च स्तरीय समिति के सह-अध्यक्ष और नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल का कहना है कि 28 दिन का अंतराल हमारे विज्ञानियों के सुझाव के आधार पर रखा गया है। उनके अनुसार ट्रायल के दौरान वैक्सीन के प्रभाव के आंकड़ों के आधार पर यह अंतराल रखा गया है।

दूसरी डोज 42 दिन के भीतर कभी भी ले सकते हैं: स्वास्थ्य सचिव

वहीं स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण का कहना है कि दो डोज के बीच 28 दिन का अंतराल जरूर रखा गया है, लेकिन यह किसी के लिए बाध्यकारी नहीं है। राजेश भूषण के अनुसार ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआइ) ने भारत में कोविशील्ड और कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत देते हुए दो डोज के बीच चार से छह हफ्ते तक अंतराल रखने को कहा है।

दूसरी डोज लेने के लिए बाध्य नहीं

उन्होंने कहा कि खुद डॉ. पॉल ने 30वें दिन वैक्सीन की दूसरी डोज ली थी। भूषण ने भी साफ कर दिया कि पहली डोज लेने के 28 दिन बाद दूसरी डोज नहीं लेने वालों का पूरा आंकड़ा सरकार के पास उपलब्ध है, लेकिन वैक्सीन की पूरी प्रक्रिया स्वैच्छिक होने के कारण सरकार किसी को दूसरी डोज लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकती है। स्वास्थ्य सचिव का साफ संकेत है कि अगर कोई व्यक्ति छह हफ्ते के बाद भी दूसरी डोज लेने आता है तो उसे दिया जाएगा।

अंतराल बढ़ाने की पैरोकारी

वैक्सीन से जुड़ी प्रसिद्ध विज्ञानी डॉ. गगनदीप कौर अंतराल को बढ़ाने के लिए गंभीरता से विचार करने की जरूरत बताती हैं। उनके अनुसार दुनिया में अलग-अलग जगहों पर हुए स्टडी में यह पाया गया है कि दो डोज के बीच का अंतराल बढ़ाने पर वैक्सीन का प्रभाव 20 से 30 फीसद तक बढ़ जाता है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

28 दिन का अंतराल ही सही

हालांकि, भारतीय दवा अनुसंधान परिषद यानी आइसीएमआर के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. समीरन पांडा डोज के बीच अंतराल बढ़ाए जाने के तर्क से सहमत नहीं हैं। उनके अनुसार अधिक अंतराल पर वैक्सीन का प्रभाव बढ़ने के दावे को प्रमाणित करने के लिए बड़ी संख्या में लोगों पर ट्रायल करने की जरूरत है। अभी तक के दावे बहुत छोटे-छोटे ट्रायल के आधार पर किए जा रहे हैं। यही नहीं, तीन महीने का अंतराल काफी लंबा होता है, इस दौरान वायरस में म्यूटेशन के साथ ही काफी कुछ बदल सकता है। इसीलिए भारत जैसे बड़ी जनसंख्या वाले देश में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए कम समय में अधिक-से-अधिक लोगों को वैक्सीन देना जरूरी है।

उन्होंने यहां तक कि यदि उपलब्ध हो तो सिंगल शॉट वैक्सीन यानी एक ही डोज वाली विज्ञानी अधिक पसंद करेंगे। दो डोज के अंतराल को लेकर जहां अलग-अलग विचार हैं, वहीं इस विवाद को डॉक्टर टालना ही उचित समझते हैं कि वैक्सीन के बाद मदिरा का सेवन करना चाहिए या नहीं। उनका कहना है कि ऐसी कोई स्टडी नहीं आई है कि मदिरा लेने से वैक्सीन की क्षमता खत्म हो जाएगी। उनका कहना है कि मदिरा वैसे ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, इसका वैक्सीन से कोई लेना-देना नहीं है। जबकि आइसीएमआर के डीजी डॉ. बलराम भार्गव का कहना है कि वैक्सीन के लिए खून पतला करने वाली दवा से कोई परहेज नहीं है। ध्यान रहे कि मदिरा से भी खून पतला होता है।

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Covid 19 Vaccination: केंद्र सरकार ने सभी निजी अस्‍पतालों को कोविड वैक्‍सीन लगाने को दी मंजूरी https://www.indianpillar.com/national/central-government-approves-all-private-hospitals-for-covid-vaccination/ Tue, 02 Mar 2021 19:24:34 +0000 https://www.indianpillar.com/?p=9412 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद देश में टीकाकरण अभियान में तेजी आ गई है। दूसरे चरण में दो दिन के भीतर ही टीका लगवाने के लिए को-विन पोर्टल…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद देश में टीकाकरण अभियान में तेजी आ गई है। दूसरे चरण में दो दिन के भीतर ही टीका लगवाने के लिए को-विन पोर्टल पर 50 लाख से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। टीकाकरण अभियान को और गति देने के लिए सरकार ने निर्धारित मानदंडों का पालन करने वाले सभी निजी अस्पतालों को भी टीका लगाने की अनुमति दे दी।

सोमवार से शुरू हुए दूसरे चरण में 60 साल से ज्यादा और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त 45 से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना रोधी टीका लगाया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार रात जारी बयान में कहा कि सभी निजी अस्पतालों को कोरोना टीकाकरण केंद्र के रूप में काम करने की अनुमति दे दी गई है, बशर्ते कि उनके पास टीका लगाने वाले पर्याप्त कर्मचारी, लाभार्थियों को निगरानी में रखने के लिए समुचित व्यवस्था, कोल्ड चेन, और टीका लगाने के बाद प्रतिकूल प्रभाव वाले लोगों के इलाज की पर्याप्त व्यवस्था हो।

मंत्रालय ने राज्य और केंद्र सरकारों से टीकाकरण अभियान में तीन स्वास्थ्य योजनाओं के पैनल में शामिल और निर्धारित मानदंडों का पालन करने वाले निजी अस्पतालों की क्षमता का अधिकतम उपयोग करने को कहा है। इन योजनाओं में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई), केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) और राज्य स्वास्थ्य बीमा योजना शामिल हैं। अभी तक टीकाकरण अभियान में 26,000-27,000 अस्पताल शामिल हैं, जिनमें 12,500 निजी क्षेत्र के अस्पताल हैं।

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण और टीका प्रशासन (को-विन) के चेयरमैन डॉ. आरएस शर्मा ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिवों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई उच्च स्तरीय बैठक में उक्त जानकारियां साझा की। राज्यों से यह भी कहा कि वो वैक्सीन का भंडारण नहीं करें, क्योंकि इसकी कोई कमी नहीं है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि मंगलवार शाम सात बजे तक लाभार्थियों को वैक्सीन की कुल एक करोड़ 54 लाख 61 हजार 864 डोज दी जा चुकी है। इनमें पहली डोज लेने वाले 67,32,944 और दूसरी डोज लेने वाले 26,85,665 स्वास्थ्यकर्मी, पहली डोज लेने वाले 55,47,426 और दूसरी डोज लेने वाले 826 फ्रंटलाइन वर्कर्स भी शामिल हैं। इसके अलावा इनमें 60 से अधिक उम्र के 4,34,981 और गंभीर रोग से ग्रस्त 45 साल से ज्यादा आयु के 60,020 लाभार्थी भी शामिल हैं। मंगलवार को कुल 6,09,845 लोगों को वैक्सीन दी गई। इनमें 5,21,101 को पहली और 88,744 लाभार्थियों को दूसरी खुराक दी गई।

आरएस शर्मा ने बताया कि दूसरे चरण में सोमवार को सुबह रजिस्ट्रेशन शुरू होने के बाद से को-विन पोर्टल पर 50 लाख से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। उन्होंने कहा कि यह बहुत ज्यादा हो सकती है, क्योंकि एक मोबाइल नंबर से चार रजिस्ट्रेशन की अनुमति दी गई है। जबकि, रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों की गिनती सिर्फ मोबाइल नंबर के आधार पर की जा रही है। वहीं, राजेश भूषण ने कहा कि अभी तक सुबह नौ से शाम पांच बजे तक ही टीका लगाने की अनुमति दी गई थी। अब इस समय सीमा को खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर अस्पतालों के पास हर तरह की पर्याप्त व्यवस्था है तो वो राज्य सरकार की सलाह से शाम पांच बजे के बाद भी टीकाकरण कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आरोग्य सेतु जैसे प्लेटफार्म के जरिये भी टीका लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन और स्लाट की बुकिंग कराई जा सकती है।

को-विन पर डाटा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि को-विन के पहले संस्करण में शुरू में कुछ गड़बड़ी सामने आई थी, लेकिन इसके दूसरे संस्करण को-विन2.0 में अभी तक किसी तरह की परेशानी सामने नहीं आई है। सरकार इस पर लगातार नजर रख रही है। डाटा की सुरक्षा और उसे किसी भी तरह के साइबर हमले से बचाने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। लाभार्थियों के सिर्फ नाम, आयु और लिंग की जानकारी ली जा रही है, क्योंकि लोगों को दूसरी डोज भी दी जानी है।

हर्षवर्धन, राजनाथ और रविशंकर ने भी लगवाया टीका

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और उनकी पत्नी ने दिल्ली हर्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट में टीका लगवाया। हर्षवर्धन से पहले उनकी पत्नी नूतन गोयल को टीका लगाया गया। उन्होंने लोगों से भी टीका लगवाने की अपील की और कहा कि वैक्सीन को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं होना चाहिए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दिल्ली में सेना के आरआर अस्पताल में टीका लगवाया। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी पटना में कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ली। उन्होंने पटना एम्स में स्वदेशी कोवैक्सीन लगवाई और उसके लिए 250 रुपये भी दिए, जबकि सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में टीका लगाया जा रहा है।

कर्नाटक में मंत्री के घर में टीका लगवाने पर विवाद, केंद्र ने मांगी रिपोर्ट

कर्नाटक के कृषि मंत्री बीसी पाटिल मंगलवार को अस्पताल की जगह अपने घर में टीका लगवा कर विवादों में घिर गए। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने तो उनके इस कदम की आलोचना की ही है, केंद्र सरकार ने भी रिपोर्ट तलब की है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, ‘प्रोटोकाल में इसकी अनुमति नहीं है। हमारे संज्ञान में यह बात आई है और इस पर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी गई है।’ पाटिल ने सरकारी अस्पताल के डॉक्टर को अपने घर बुलाया, जहां उन्हें और उनकी पत्नी को टीका लगाया गया।

अभिनेता कमल हासन ने लगवाया टीका

अभिनेता कमल हासन ने भी चेन्नई में एक अस्पताल में टीका लगवाया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘मैंने श्री रामचंद्र अस्पताल में टीका लगवाया है। जिन्हें अपने साथ ही दूसरों की फिक्र है, उन्हें टीका लगवाना चाहिए।’ केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा, आंध्र प्रदेश के राज्यपाल बिश्वभूषण हरिचंदन और उनकी पत्नी सुपर्व हरिचंदन ने भी वैक्सीन की पहली डोज ली है। कोटक म¨हद्रा बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ उदय कोटक ने भी मंगलवार को टीके की पहली खुराक ली।

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