केंद्र सरकार अगले 2-3 सालों में 30,000 डीजल बसों को electric buses से बदलने की डिमांड कर रही है।
बहुत जल्द ही 1,00,000 electric buses तक विस्तारित हो सकता है।
इन सब में सबसे बड़ी समस्या चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रिड को अपग्रेड करना है |
देश हर दिन इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बढ़ रही है, और यह तो पहले से ही क्लियर है की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक कर दिया जायेगा |
और यह काम शुरू भी हो चूका है, कई राज्य सरकारें धीरे-धीरे अपने सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों को शामिल कर चुकी है |
सरकार की 30,000 डीजल बसों को इलेक्ट्रिक बसों से बदलने की मांग से बस निर्माताओं के लिए 28,000 करोड़ का व्यापार अवसर बन सकता है |
टाटा मोटर्स कई राज्य सरकारों को इलेक्ट्रिक बसों की आपूर्ति कर रही है।
अधिकारीयों के मुताबिक समय के साथ साथ इस काम में अधिक तेज़ी आसकती है |
टाटा मोटर्स बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन को 921 इलेक्ट्रिक बसों की आपूर्ति करेगी
टाटा मोटर्स पश्चिम बंगाल को 1,180 इलेक्ट्रिक बसों की आपूर्ति करेगी |
Switch Mobility ने हाल ही में एक इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस पेश की है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक electric bus डीजल और CNG बसों के तुलना में कम रनिंग कॉस्ट होगी |
पुरे भारत में हर रोज करीब 16 लाख डीजल बसें सड़को पर चलती है |
ऐसे में अगर सरकार सभी बसों को इलेक्ट्रिक बसों से बदल दे तो बचत के साथ साथ पर्यावरण के लिए भी अच्छा होगा |
Hero First Electric Scooter launched
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